गड्ढों से जूझ रहे राहगीर,,, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह जिले में सड़क की बदहाली पर उठे सवाल
मुंगेर के बरियारपुर से हवेली खड़गपुर एनएच-333 की बदहाल स्थिति से राहगीर परेशान, सोती पुल जर्जर.

JHVP BHARAT NEWS / BIHAR UPDATES
EDITED BY : PARWEZ ALAM
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में बरियारपुर से हवेली खड़गपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-333 की बदहाल स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क की सतह और जर्जर सोती पुल के कारण इस मार्ग से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है.

नजर हटी दुर्घटना घटी
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग एक किलोमीटर के हिस्से में सड़क की स्थिति बेहद खराब है. यहां वाहन चालकों को हर कदम पर संभलकर चलना पड़ता है. थोड़ी-सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है. पिछले करीब तीन महीनों से सड़क की स्थिति ऐसी ही बनी हुई है. इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी गाड़ियां, बाइक, ई-रिक्शा, निजी बसें, हैवी ट्रक और सरकारी बसें गुजरती हैं.

सड़क की बदहाली से समय होता है बर्बाद
सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहनों को बार-बार गति धीमी करनी पड़ती है. कई जगह गड्ढों से बचने के लिए चालकों को वाहन अचानक मोड़ना पड़ता है, जिससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ टक्कर होने की आशंका बनी रहती है. सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को होती है, जिन्हें इस मार्ग से रोजाना अपने काम, इलाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आना-जाना पड़ता है. सड़क की बदहाली के कारण यात्रा में अतिरिक्त समय लगता है और वाहन चालकों को लगातार दुर्घटना का डर बना रहता है.
गड्ढों में हिचकोले खाते गुजरते हैं यात्री
बरियारपुर–हवेली खड़गपुर एनएच-333, मार्ग पर सड़क की खराब स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सवारी से भरी निजी और सरकारी बसें भी गड्ढों के बीच से हिचकोले खाते हुए गुजरती हैं. सड़क पर कहीं गड्ढे हैं तो कहीं सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है. ऐसे में बसों और अन्य बड़े वाहनों को भी धीमी गति से आगे बढ़ना पड़ता है.
बारिश में गड्ढे बन जाते हैं और खतरनाक
बरसात के दिनों में इस मार्ग पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है. बारिश का पानी सड़क के गड्ढों में भर जाने के कारण उनकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. वाहन चालक सामान्य सड़क समझकर आगे बढ़ते हैं, लेकिन अचानक पहिया गहरे गड्ढे में पड़ने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है. इस मार्ग पर ई-रिक्शा पलटने और दुर्घटनाएं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं.

सोती पुल की जर्जर स्थिति ने बढ़ाई चिंता
बरियारपुर क्षेत्र में स्थित सोती पुल की जर्जर स्थिति भी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. सड़क के साथ पुल की हालत खराब होने से इस मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. पुल और उसके आसपास सड़क की स्थिति बेहतर नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक गुजरना पड़ता है.

ईंट डालकर की गई थी मरम्मत
बीच-बीच में जिला प्रशासन की ओर से गड्ढों में ईंट डालकर सड़क को चलने लायक बनाने का प्रयास किया जाता रहा है. हालांकि, लोगों का दावा है कि इन अस्थायी उपायों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है और सड़क की स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है. यदि सड़क के गड्ढों में केवल ईंट डालकर मरम्मत की जाती है, तो भारी वाहनों के लगातार गुजरने और बारिश के पानी के कारण यह व्यवस्था लंबे समय तक टिक नहीं पाती.
गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण की मांग
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित सड़क निर्माण विभाग और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करें. सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की समुचित मरम्मत कराई जाए तथा सोती पुल की स्थिति की भी जांच की जाए. अस्थायी मरम्मत के बजाय गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण कार्य होना चाहिए, ताकि बार-बार सड़क खराब होने की समस्या से राहत मिल सके.
चाय दुकानदार ने बताई रोजमर्रा की परेशानी
स्थानीय चाय दुकानदार जितेंद्र कुमार ने सड़क की बदहाली से जुड़ी अपनी परेशानी बताई. सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ता है. सड़क से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही, गड्ढों के कारण अचानक धीमी होती रफ्तार और दुर्घटना की आशंका आसपास के लोगों को प्रभावित करती है.
“सड़क की स्थिति सुधरने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को राहत मिलेगी. हम सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ता है.”-जितेंद्र कुमार, चाय दुकानदार
दोपहिया वाहन चालकों के लिए बढ़ी मुश्किल
बाइक से यात्रा करने वाले आनंद राज के लिए भी सड़क की बदहाल स्थिति परेशानी का कारण है. दोपहिया वाहन चालकों को सड़क पर बने गड्ढों से बचने के लिए लगातार सतर्क रहना पड़ता है. कई बार सामने से आने वाले वाहन और सड़क पर बने गड्ढे एक साथ होने पर चालक के सामने रास्ता चुनने की मुश्किल पैदा हो जाती है.
ई-रिक्शा चालक राजेश की आजीविका पर पड़ रहा असर
ई-रिक्शा चालक राजेश ने कहा कि उनके लिए यह सड़क रोजी-रोटी से जुड़ी हुई है. प्रतिदिन यात्रियों को लेकर इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है. सड़क पर गड्ढे होने के कारण वाहन को संभालकर चलाना पड़ता है, जिससे यात्रा में अधिक समय लग सकता है. खराब सड़क से वाहन के टायर, पहियों और अन्य हिस्सों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका बनी रहती है. यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना ई-रिक्शा चालकों की जिम्मेदारी है, लेकिन सड़क की खराब स्थिति उनके सामने भी मुश्किलें पैदा करती है.
दिव्यांग अमित कुमार ने उठाया सुरक्षित आवागमन का सवाल
दिव्यांग अमित कुमार के लिए सड़क की स्थिति का मुद्दा सुरक्षित और सुगम आवागमन से भी जुड़ा है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से पैदल चलने वाले लोगों और विशेष जरूरत वाले नागरिकों को अतिरिक्त कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है. सड़क पार करने, वाहन तक पहुंचने या किसी जरूरी काम से बाहर निकलने के दौरान खराब रास्ता परेशानी बढ़ा सकता है. सार्वजनिक सड़कों की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि बुजुर्ग, दिव्यांगजन, बच्चे और अन्य नागरिक बिना अनावश्यक जोखिम के आवागमन कर सकें.
छात्र ने कहा-रोजाना आने-जाने वालों को होती है परेशानी
छात्र मनोज कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए नियमित रूप से आवागमन करना पड़ता है. सड़क पर गड्ढे होने के कारण यात्रा असुविधाजनक हो सकती है और रास्ते में अतिरिक्त समय लग सकता है. बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से परेशानी और बढ़ जाती है. ऐसे में विद्यार्थियों को समय से अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है.
अब स्थायी समाधान की मांग
बरियारपुर–हवेली खड़गपुर एनएच-333 के इस हिस्से में पिछले करीब तीन महीनों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है. बीच-बीच में गड्ढों को भरने के प्रयास किए जाने के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई है. ऐसे में लोगों का सवाल है कि आखिर सड़क की स्थायी मरम्मत कब होगी और सोती पुल की स्थिति सुधारने के लिए जिम्मेदार विभाग कब ठोस कदम उठाएगा? लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान करे, गड्ढों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराए और जरूरत पड़ने पर सड़क की ऊपरी परत का पुनर्निर्माण करे.
मुख्यमंत्री के गृह जिले में सड़क की बदहाली
स्थानीय लोगों ने बरियारपुर–हवेली खड़गपुर एनएच-333 की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सड़क मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह जिले मुंगेर से जुड़ी है और संबंधित सड़क का यह हिस्सा मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र से लगभग 29 किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है. इसके बावजूद पिछले करीब तीन महीनों से सड़क पर गड्ढों की समस्या बनी हुई है. लोगों का कहना है कि जब जिले के इतने महत्वपूर्ण मार्ग की हालत ऐसी है, तो आम राहगीरों की परेशानी का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है.
कई जिलों को जोड़ती है सड़क
बरियारपुर–हवेली खड़गपुर मार्ग केवल स्थानीय आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि मुंगेर जिले को बांका, जमुई और भागलपुर सहित आसपास के कई जिलों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है. इसके अलावा, इस मार्ग का उपयोग पड़ोसी राज्यों झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर आने-जाने वाले यात्रियों तथा विभिन्न प्रकार के वाहनों द्वारा भी किया जाता है. इस कारण सड़क पर आवागमन का दबाव काफी अधिक रहता है.
जिले के बरियारपुर–हवेली खड़गपुर एनएच-333 की बदहाल स्थिति को लेकर मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने संज्ञान लिया है. जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति का मामला सामने आया है, जिसको लेकर पथ निर्माण विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
“विभाग को जल्द ही स्थल निरीक्षण कर सड़क की स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.”-निखिल धनराज निप्पाणीकर, जिलाधिकारी




