लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की 6वी पुण्यतिथि विनम्र श्रद्धांजलि सहित मनायी गयी..
जनशक्ति पार्टी के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की 6वी पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

JHVP BHARAT NEWS/ नागरनौसा प्रखंड,बिहार
REPORTING BY: ANJANI KUMAR PASWAN
EDITED BY: PARWEZ ALAM

आज नागरनौसा प्रखंड की कैला पंचायत के ग्राम कुड़वापर में जिला अध्यक्ष श्री नवल किशोर पासवान जी, प्रदेश सचिव श्री अंजनी कुमार पासवान जी, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष श्री सुधीर यादव जी, हरनौत प्रखंड अध्यक्ष श्री रणजीत पासवान जी, श्री सुभाष पासवान जी, श्री डोमन साव जी, श्री नवल पासवान जी, श्री कारू पासवान जी, श्री श्रवण पासवान जी, श्री शंभू पासवान, संजीवन कुमार जी, श्री हिमांशु भारग जी, लल्लू कुमार जी, डोमन जी, विकास राम जी, श्री भगवान पासवान जी, राजीव जी एवं समस्त ग्रामीण भाई-बहनों व माताओं की उपस्थिति में पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नारों के माध्यम से उनके विचारों और संघर्षों को याद किया गया। साथ ही शिक्षा, संघर्ष और संगठित रहने के महत्व पर चर्चा करते हुए समाज के लोगों से जागरूक बनने, अपने अधिकारों को समझने और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित बनाने का आह्वान किया गया।
🌹 स्वर्गीय रामविलास पासवान जी का जीवन और संघर्ष
स्वर्गीय रामविलास पासवान जी का जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के खगड़िया जिले के शहरबन्नी गाँव में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में गरीबों, दलितों, वंचितों, शोषितों और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। वर्ष 1969 में बिहार विधानसभा के सदस्य बनने से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर कई दशकों तक देश की राजनीति में महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अनेक केंद्रीय मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम किया। वर्ष 2000 में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की। उनके सार्वजनिक जीवन और योगदान के लिए वर्ष 2021 में उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
📚 बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरणा
स्वर्गीय रामविलास पासवान जी के सामाजिक न्याय के प्रयासों को याद करते हुए हमें बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के उस संदेश को भी अपने जीवन में अपनाना चाहिए, जिसमें शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का आह्वान किया गया है।
शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है। संगठन समाज को सामूहिक शक्ति देता है और संघर्ष हमें अन्याय, भेदभाव तथा असमानता के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने की प्रेरणा देता है। बाबा साहेब के विचारों का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब हम शिक्षा को प्राथमिकता देंगे, संविधान के मूल्यों को समझेंगे और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।

✊ हमारा संकल्प
आज उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए आवाज उठाएँगे, बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देंगे तथा समाज में भाईचारा, समानता और एकता को मजबूत करेंगे।

स्वर्गीय रामविलास पासवान जी का जीवन हमें यह सीख देता है कि जनसेवा का उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, अवसर और न्याय पहुँचाने का प्रयास करना है।
स्वर्गीय रामविलास पासवान जी के विचार, संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव हमें प्रेरित करती रहेगी।




