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EC ने TMC का सिंबल किया फ्रीज, दोनों गुटों से मांगा नया नाम और चिन्ह

बंगाल में उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह और नाम को फ्रीज कर दिया है. ममता बनर्जी और बागी गुट को दोनों ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का नाम इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे.

टीएमसी के सिंबल को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत गुट के बीच जारी घमासान के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है. EC ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया है. उपचुनाव में दोनों गुट इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.  कल (शुक्रवार) को ममता और ऋतब्रत गुट से नया नाम और चुनाव चिन्ह मांगा है. दोनों गुटों से तीन-तीन विकल्प देने के लिए कहा गया है.

चुनाव आयोग ने कहा, कल दोनों ही गुट सुबह 11 बजे तक बताएं कि वह किस नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर आगे बढ़ाना चाहेंगे. जिनमें से कोई भी विकल्प चुनाव आयोग के द्वारा मंजूर किया जा सकता है.

EC ने दोनों गुटों की अलग-अलग की सुनवाई

चुनाव आयोग ने गुरुवार (17 सितंबर) को टीएमसी पर कंट्रोल को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुटों की अलग-अलग सुनवाई की थी. जिसमें ममता गुट ने किसी भी अंतरिम आदेश का विरोध किया था, जबकि ऋतब्रत गुट ने पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव चिह्न के संबंध में जल्द फैसला लेने की मांग की थी.

क्या बोले ऋतब्रत बनर्जी?

बागी गुट से पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, अकरुल जमान, अरूप रॉय और एक वकील ने आयोग के सभी सदस्यों से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा था. सुनवाई के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ‘हमने अपना पक्ष रखा और हमसे पूछे गए सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा कि चुनाव चिह्न का मुद्दा इसलिए अहम हो गया है क्योंकि नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने वाले हैं और दोनों गुटों की ओर से उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किये हैं.

ममता पक्ष ने अंतरिम आदेश का किया विरोध

इसके बाद ममता बनर्जी गुट के सदस्य- डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष ने EC के सदस्यों से मुलाकात की थी.  ममता गुट ने किसी भी अंतरिम आदेश का विरोध किया था. उसका कहना है कि ऐसे निर्देश का कोई आधार नहीं है. कल्याण बनर्जी ने कहा, हमने कहा कि कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए. कोई भी आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए.’

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